ग्रामोदय

Social

तरावड़ी में सम्राट पृथ्वीराज चौहान को समर्पित शोध संस्थान व स्मारक की स्थापना आवश्यक : डॉ. चौहान

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

करनाल। तरावड़ी स्थित सम्राट पृथ्वीराज चौहान के किले के अवशेष ऐतिहासिक, पुरातत्विक और भावनात्मक महत्व रखते हैं। इस स्थल का पुरातत्व की दृष्टि से संरक्षण और जीर्णोद्धार जल्द से जल्द प्रारंभ होना चाहिए। साथ ही तरावड़ी में सम्राट पृथ्वीराज चौहान को समर्पित शोध संस्थान व स्मारक की स्थापना का बरसों से लंबित कार्य भी बगैर देरी के प्रारंभ होना आवश्यक है। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने तरावड़ी किला परिसर का दौरा करने के बाद यहां जारी एक विज्ञप्ति में यह बात कही।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि प्रस्तावित स्मारक व शोध केंद्र के संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की घोषणा को अमल में लाने के मार्ग की बाधाओं को जल्द से जल्द दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन आला अधिकारियों के साथ विमर्श के बाद वह स्वयं मुख्यमंत्री को तथ्यों से अवगत कराते हुए उनसे हस्तक्षेप के लिए अनुरोध करेंगे। किला परिसर के दौरे के दौरान राजपूत सभा करनाल के प्रेस सचिव डॉ. एन. पी. सिंह भी मौजूद थे।

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि तरावड़ी के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करने, किले के संरक्षण की दिशा में क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने और स्मारक निर्माण की अवधारणा को धरातल पर उतारने के कार्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन प्रांत-संघचालक, पद्म भूषण से अलंकृत स्वर्गीय दर्शन लाल जैन की अहम भूमिका रही। उन्होंने योद्धा स्मारक समिति के माध्यम से इस विषय को अनेक अवसरों पर प्रभावी ढंग से उठाया। डॉ. चौहान ने कहा कि तरावड़ी में स्मारक का निर्माण सम्राट पृथ्वीराज चौहान समेत देश के योद्धाओं को सच्ची श्रद्धांजलि होगा और यह कार्य कर राज्य सरकार सरस्वती नदी शोध संस्थान की स्थापना सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्य करने वाले स्व. दर्शन लाल जैन का अधूरा सपना भी साकार करेगी।

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वह स्वयं योद्धा स्मारक समिति और जनाधिकार चेतना मंच के माध्यम से ऐतिहासिक स्थल की और तरावड़ी नगर की गरिमा बहाल करने के संघर्ष के साथ बरसों से जुड़े हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इलाके के लोगों का यह अधूरा सपना राज्य सरकार जल्द साकार करेगी और यहां बनने वाला स्मारक व शोध केंद्र आने वाली पीढ़ियों के लिए ही नहीं अपितु वर्तमान युवा शक्ति के लिए भी रचनात्मक ऊर्जा का केंद्र बनकर उभरेगा।

काटजू नगर की समस्याओं का भी होगा समाधान

सम्राट पृथ्वीराज चौहान के किले के देशों का अवलोकन करने पहुंचे भाजपा प्रवक्ता किले में बसने वाले काटजू नगर के स्थानीय निवासियों से भी बातचीत की। इस अवसर पर बुजुर्ग निहालचंद ने बताया कि सभी किलावासियों को नगर पालिका की ओर से संपत्ति कर के किस भेजे गए हैं उनमें ₹600 यूजर चार्ज के नाम से जोड़े गए हैं। स्थानीय निवासी काफी पड़ताल करने के बाद भी इस नए कर का अर्थ समझ नहीं पाए हैं। इस पर डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वे स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से विमर्श कर इस मामले की तह में जाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने पूर्व विधायक भगवान दास कबीरपंथी से भी इस मामले में हस्तक्षेप के लिए अनुरोध किया।

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं का सम्मान बहाल करना हमारी प्राथमिकता : विज

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

अंबाला छावनी/चंडीगढ़ / पंचकूला । गृह, स्वास्थ्य और तकनीकी शिक्षा मंत्री अनिल विज ने कहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भाजपा सरकार हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं के मान-सम्मान की बहाली के लिए कृत संकल्प है। प्रदेश के तीन विश्वविद्यालयों में हिंदी में तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की पहल के लिए तकनीकी शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करने पहुँचे हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान के साथ विमर्श में उन्होंने यह टिप्पणी की।डॉ.चौहान ने इस अवसर पर राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण पहल के लिए तकनीकी शिक्षा मंत्री के प्रयासों की सराहना की और हरियाणा ग्रंथ अकादमी द्वारा तकनीकी शिक्षा की पाठ्यपुस्तक तैयार करने के लिए किए चलायी जा रही योजनाओं का विवरण दिया।

गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि विश्व के सब स्वाभिमानीऔर समर्थ देश अपनी-अपनी भाषाओं में ज्ञान विज्ञान और तकनीकी विषयों की शिक्षा बरसों से दे रहे हैं। भारत में पूर्ववर्ती सरकारों ने हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं की दशकों तक उपेक्षा कर उन्हें पीछे धकेलने का अपराध किया। भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं के मान-सम्मान की बहाली के प्रभावी प्रावधान कर उन पर काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कार्यालयों में अधिकतम कार्य हिंदी में करने के लिए विभाग अध्यक्षों को लिखित निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा भी की जाएगी।

हरियाणा ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने इस अवसर पर बताया कि हरियाणा ग्रंथ अकादमी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत चलने वाले पारिभाषिक शब्दावली आयोग के आर्थिक सहयोग से हिंदी में पॉलिटेक्निक की पुस्तकें तैयार करवा रही है। इसके अलावा अकादमी ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के साथ भी हिंदी में परिषद द्वारा तैयार की गई इंजीनियरिंग की किताबों के प्रकाशन और विपणन के संबंध में एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर उसके अनुसार कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने कहा कि अकादमी द्वारा तकनीकी शिक्षा से जुड़ी पाठ्य पुस्तकों के लेखन से जुड़े विभिन्न आयामों पर मंथन के लिए एक राष्ट्रीय संगोष्ठी व कार्यशाला आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

काछवा के युवाओं को सशक्त कर रहा सरदार पटेल पुस्तकालय : डॉ. चौहान

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष ने पुस्तकालय का दौरा कर लिया व्यवस्थाओं का जायजा

करनाल। करनाल विधानसभा क्षेत्र के काछवा गांव में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा स्थापित और संचालित सरदार पटेल पुस्तकालय काछवा सहित आसपास के ग्रामीण अंचल के युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। पुस्तकालय के रूप में ग्रामीण अंचल के युवाओं को अपने स्वाध्याय के लिए एक ऐसा बेहतर स्थान मिल गया है जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कंप्यूटर सीखने एवं विभिन्न विषयों पर विस्तृत ज्ञान हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण पुस्तकें उपलब्ध हैं। यह टिप्पणी हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने की। वह सरदार वल्लभभाई पटेल पुस्तकालय का दौरा कर उसकी कार्यप्रणाली एवं व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे थे। इस क्रम में ग्राम वासियों से मुलाकात के दौरान उन्होंने पुस्तकालय की लंबित समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की।

इस अवसर पर डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि इस वातानुकूलित पुस्तकालय में पढ़ाई के लिए इतनी अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं जो आमतौर पर कई अच्छे निजी स्कूलों में भी उपलब्ध नहीं हैं। काछवा गांव मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। प्रदेश सरकार ने उत्तर हरियाणा बिजली निगम के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग गांवों में पुस्तकालयों के निर्माण का फैसला किया है। इस क्रम में वैसे गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां के ग्रामीणों ने जगमग योजना में अच्छी भागीदारी की है और जहां बिजली के बिल कायदे से भरे जा रहे हैं। काछवा में सरदार पटेल पुस्तकालय इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम दोनों बधाई के पात्र हैं। ऐसा ही एक पुस्तकालय नीलोखेड़ी विधानसभा के गोंदर गाँव में बनकर तैयार हो चुका है।

डॉ. चौहान ने कहा कि पुस्तकें, एयर कंडीशनर, कंप्यूटर एवं बैठने का बेहतर स्थान मात्र साधन हैं। इनका मकसद ज्ञान प्राप्ति की साधना को और अनुकूल एवं सुगम बनाना है। यह साधना परिश्रम, अभ्यास और स्वाध्याय के बिना संभव नहीं है। हरियाणा ग्रंथ अकादमी सरकार का संस्थान है जो पुस्तकों के प्रकाशन का काम करता है। मुख्यमंत्री इसके अध्यक्ष हैं। पुस्तक प्रेमियों एवं पुस्तकालयों को अच्छी पुस्तकें प्रदान करना ग्रंथ अकादमी का दायित्व है। हमें पढ़ाई के साथ साथ अपनी बातों को मजबूत तरीके से रखने की कला भी आनी चाहिए।

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि किताबों के ज्ञान को अपने अंदर उतार कर इसे जीवन में आगे बढ़ने का यदि माध्यम बना लिया जाए तो साधना सफल समझी जाएगी। यह पुस्तकालय जिज्ञासु एवं जागरूक युवाओं को पढ़ने लिखने के लिए बहुत शांत एवं सुंदर माहौल प्रदान करता है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यहां ज्ञान प्राप्ति के साधन और बढ़ेंगे जिनसे युवाओं की ज्ञान प्राप्ति की राह और सुगम हो सकेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ़ इंडिया के ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग भी करना प्रारम्भ करें। इस अवसर पर भाजपा नेता सुरेश भारद्वाज ने डॉ. वीरेन्द्र सिंह चौहान का काछवा पुस्तकालय पहुँचने पर स्वागत किया ।

इस अवसर पर लाइब्रेरियन शालू, पूनम और संचालक एसडीओ संदीप सिकरी के अलावा छात्र सुमित, वैभव, शुभम, विशाल, पूजा और अथर्व भी मौजूद रहे।

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

गांव की खुशहाली सक्रिय ग्राम सभा से ही संभव: डॉ चौहान

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

उपलानी ग्राम सभा में विभिन्न विषयों पर संवाद का आयोजन

असंध । देश के संचालन में जो महत्व संसद का है वही महत्व गांव के लिए ग्राम सभा का है। ग्रामसभा गांव की संसद है, सरपंच गाँव का प्रधानमंत्री और पंचायत मंत्रिमंडल की भांति है। सक्रिय ग्रामसभा गांव की तस्वीर बदल सकती है। उपलानी गांव में आयोजित ग्राम सभा में बतौर मुख्य अतिथि पधारे हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष और प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी की।

विभिन्न महिला स्वयंसेवी समूह को संबोधित करते हुए डॉ चौहान ने आत्मनिर्भर भारत में आत्मनिर्भर महिलाओं की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के भीतर छिपी उद्यमिता गांव के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है । भारत सरकार महिला स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से गांव आधारित अर्थ तंत्र के विकास और महिला सशक्तिकरण के प्रति कृत संकल्प है तथा विभिन्न योजनाओं व अनुदान के माध्यम से इस कार्य को कर रही है।

भाजपा जिला सचिव गुरबख़्शीश सिंह लाडी ने ग्रामवासियों से कहा कि ग्राम विकास को लेकर सरकार अनेक उपयोगी और बेहतरीन योजनाएं चला रही है हम सबका दायित्व है कि उन योजनाओं को जानें, समझें का क्रियान्वन अपनी ग्राम सभा के माध्यम से अपने गाँव में करवाएं।

खंड कृषि अधिकारी डॉ राधेश्याम ने पराली प्रबंधन को प्रत्येक गांव और प्रत्येक किसान के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि उचित पराली प्रबंधन गांव की जलवायु, भूमि की उत्पादकता और आर्थिक लाभ तीनों में सहयोगी है सरकार द्वारा पराली के गट्ठर तैयार करने पर हजार रुपए प्रति एकड़ का अनुदान भी दिया जा रहा है।

पंचायत सेक्रेट्री प्रेम ने ग्राम वासियों से जल के उचित प्रबंधन को लेकर अनेक तकनीक एवं तथ्य साझा किए। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर को उच्च रखने के लिए आवश्यक है कि हम जल प्रबंधन की ओर विशेष ध्यान दें। अगर अब भी हमने ऐसा नहीं किया तो आने वाली पीढ़ी के सामने गिरते जलस्तर के कारण विषम परिस्थितियां पैदा हो जाएंगी।

ग्राम सभा द्वारा आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में ग्राम वासियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न चर्चाओं के माध्यम से गांव के विकास के लिए आवश्यक अनेक जानकारियां प्राप्त की। इस अवसर पर ग्राम सचिव रजनीश, , पूर्व सरपंच सुरेंद्र उपलानी, बी. डी. ओ. सहायक सुरेंदर उपस्थित रहे।

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

स्वच्छता व स्वच्छता कर्मी जीवन का आवश्यक अंग, अवहेलना अनुचित : डॉ चौहान

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

गांधी व शास्त्री जयंती के अवसर पर सेवा समर्पण अभियान के अंतर्गत सफाई कर्मियों का सम्मान

निसिंग । स्वच्छ वातावरण हमारा अधिकार ही नहीं अपितु हमारा दायित्व भी है। स्वच्छता की शुरुआत इधर उधर गंदगी न फैलाने के विचार और आचरण से प्रारंभ होती है। स्वच्छता का जिम्मा मात्र सरकारी संस्थाओं और स्वच्छता कर्मियों का नहीं है । हमें खुद भी अनुशासित आचरण से स्वच्छता को बढ़ावा देना होगा।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रारंभ सेवा समर्पण अभियान के अंतर्गत महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, गोंदर में सफाई कर्मियों के सम्मान में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष व प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी की।

भारतीय जनता पार्टी के मंडल महामंत्री वेद तनेजा ने उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया और कहा कि सफाई कर्मियों को कमतर आंकना गलत है अगर यह अपना कार्य उचित प्रकार से ना करें तो सभी व्यवस्थाएं चरमरा जाएंगी।

अकादमी उपाध्यक्ष डॉ. चौहान ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छता के भाव से प्रेरित हो माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने में योगदान देते हुए देश के प्रत्येक मार्ग, गली एवं सड़क को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करना ही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अपनी इमानदारी से स्वच्छ राजनीतिक जीवन का आदर्श प्रस्तुत करने वाले हमारे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के आदर्शों को जीवन में उतार कर वैचारिक स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त करना भी अत्यंत आवश्यक है।

डॉ. चौहान ने गांधी व शास्त्री दोनों महापुरुषों के विचारों को स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा की महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि उनके द्वारा स्थापित आदर्शों को जीवन में उतार कर ही दी जा सकती है। सेवा समर्पण अभियान एक प्रयास है जिसमें हम अपने जीवन व व्यवहार में इन आदर्शों को स्थापित करते हुए समाज के विभिन्न पक्षों का उत्थान करने का प्रयास करते हैं। सफाई कर्मियों को सम्मानित करना मात्र व्यक्ति का सम्मान नहीं है अभी तो सेवा के उस भाग को नमन करना है जो सफाई कर्मियों को दूसरों द्वारा फैलाई गई गंदगी से घिन्न ना करते हुए उसे दूर करने को प्रेरित करता है।

मंडल उपाध्यक्ष शमशेर राणा ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को नमन किया तथा उनके जीवन से जुड़े विभिन्न संस्मरण सभी के साथ साझा किए।

जिला सचिव किसान मोर्चा राजकुमार राणा ने कहा कि स्वच्छता का अभ्यास घर से प्रारंभ होता है घर पर वस्तुएं उचित स्थान पर रखना, कूड़ा कूड़ेदान में डालना कुछ ऐसी आदतें हैं जो सामाजिक जीवन में भी गंदगी न फैलाने के अभ्यास को विकसित करती हैं । देश की स्वच्छता का अभियान स्वयं व आसपास को अनुशासित व स्वच्छ रखने से प्रारंभ होता है।

युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष मुकेश कुमार ने सेवा को जीवन का अभिन्न अंग बताया और उपस्थित सभी लोगों का आह्वान किया कि वह स्वयं को किसी ना किसी सेवा कार्य से अवश्य जोड़ें जिससे समाज उनकी योग्यताओं और क्षमताओं से लाभान्वित हो सके।

जिला कार्यकारिणी सदस्य सौरभ राणा ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से प्रारंभ सेवा समर्पण अभियान के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों का ब्यौरा सबके सम्मुख रखा।

शक्ति केंद्र सह प्रमुख नरेंद्र राणा ने कहा कि स्वच्छता हेतु कम से कम हम आज यह संकल्प लें कि हम कूड़ा कूड़ेदान में ही डालेंगे इस प्रकार हर महा एक नया संकल्प लें हम स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

इस अवसर पर शक्ति केंद्र प्रमुख महिपाल लांगियान, बूथ अध्यक्ष रामकिशन जांगड़ा, सतीश पहलवान, जितेंद्र कुमार, गौरव त्यागी, सतिंदर कुमार, आई टी सेल प्रमुख सोनू राणा व शिव कुमार जांगड़ा, प्रदीप कुमार, कुलदीप पांचाल तथा गौरव अरोड़ा उपस्थित रहे।

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

परिवार और समाज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी टीकाकरण के लिए आगे आएं

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

कोरोना की महामारी को मात देने के लिए आवश्यक है कि 18 साल से ऊपर के प्रत्येक नागरिक का टीकाकरण हो। जो लोग किसी भ्रम अथवा भय के कारण पात्र होते हुए भी अब तक टीका लगवाने से रह गए हैं, उन्हें न केवल अपनी अपितु अपने परिवार और समाज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी टीकाकरण के लिए आगे आना चाहिए। रेडियो ग्रामोदय के संस्थापक और हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने रेडियो ग्रामोदय और यूनिसेफ द्वारा टीकाकरण जागरूकता के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत गोंदर के रणजीत नगर स्थित कॉलोनी में ग्राम वासियों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भारत में कोरोना के टीके को लेकर कुछ लोग निहित स्वार्थ के कारण तमाम तरह की भ्रांतियां फैला रहे हैं किंतु ऐसे तत्वों की साजिशों को कामयाब होने नहीं दिया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने टीका लगवा चुके ग्रामवासियों से कोरोना के टीके को लेकर उनके अनुभव विस्तार से सुने। जो लोग टीका लगवा चुके उन्होंने टीका क्या सोचकर लगवाया है और टीका लगवाने के बाद किस का अनुभव कैसा रहा, कार्यक्रम में इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ साथ जिन्होंने अब तक टीका नहीं लगाया है उन्होंने इस कार्यक्रम में टीका ना लगवाने की अपनी-अपनी वजह भी अभिव्यक्त की।

डॉ. चौहान ने कहा कि टीका लगने के बाद कुछ लोगों को हल्का फुल्का बुखार आता है जो सामान्य और स्वाभाविक बात है। उन्होंने कहा कि कोरोना से पहले अलग-अलग बीमा से बचाव के जोडी के स्वाभाविक रूप से हम सब अपने बच्चों को लगवादे रहे हैं, उनके मामले में भी इस तरह के लक्षण आते रहे है। डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भारत में उपलब्ध 3 कोरोना टीके अलग-अलग प्रक्रिया से अलग-अलग निर्माता कंपनियों ने बनाए हैं इसलिए उनके काम करने के तरीके भिन्न भिन्न है। कोवीशील्ड और कोवैक्सीन के दो टीके लगवाने पड़ते हैं। दोनों वैक्सीन के मामले में दो टीमों के बीच की अवधि अलग-अलग है। इनके विपरीत रूस से मंगाया गया स्पूतनिक टीका एक ही बार लगता है।

ग्रामवासियों को डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने स्पष्ट बताया की कोविड के टीकाकरण का सारा कार्य अब केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित व संचालित किया जा रहा है। सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर टीका लगवाने के लिए किसी भी नागरिक को एक भी पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि देशभर में टीकाकरण अभियान दिनों दिन तेजी पकड़ रहा है। उन्होंने कहा टीकाकरण को लेकर यदि ग्रामवासियों के मनों में कोई संदेह अथवा सवाल हैं तो वे रेडियो ग्रामोदय की हेल्पलाइन 8816904904 पर कॉल कर सलाह ले सकते हैं। डॉ. चौहान ने कोरोना संबंधी जागरूकता और विशेषकर टीकाकरण के कार्यक्रम में मदद के लिए आगे आने वाले सामाजिक संगठनों प्रशंसा की और कहा कि समाज और देश पर जब-जब कोई आपदा आए तो सब लोगों को परस्पर मतभेदों को भुलाकर एकजुटता के साथ कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर भाजपा नेता वेद तनेजा, सुभाष कुमार, राम निवास, सुखबीर, नाथीराम, सतपाल, धरमपाल, वीरभान, बागड़ी, राजेश, जीतराम, शिव कुमार, काला, अंग्रेज, संजीव, नरेश, अशोक, भूरा व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे ।

शराब का सेवन कोरोना से नहीं बचाता

कार्यक्रम के दौरान एक श्रमिक ने कहा कि उसने कोरोना का टीका लगवाना इसलिए जरूरी नहीं समझा क्योंकि वह हर रोज शराब पी लेता है और उसकी मान्यता है कि शराब के सेवन से कोरोना का वायरस मर जाता है। श्रमिक का कहना था कि जब सैनिटाइजर में मौजूद शराब से वायरस मर जाता है शराब के सेवन से कोरोना से बचाव होना चाहिए।बहुत गंभीरता के साथ की गई ग्रामवासी की इस टिप्पणी पर कार्यक्रम में उपस्थित अधिकांश लोग खुलकर हंसे। डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि शराब पीने वाले को कोरोना नहीं होगा, यह एक खतरनाक भ्रांति और मूर्खतापूर्ण सोच है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञ बारंबार इस बारे में स्पष्ट कर चुके हैं कि मदिरापान कोरोना से बचाव का कवच नहीं। डॉ. चौहान ने कहा कि शराब पीना वैसे भी सेहत के लिए घातक है और कोरोना से बचाव का मदिरापान से कोई संबंध नही।

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

रेडियो ग्रामोदय व यूनिसेफ द्वारा वैक्सीनेशन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

अफवाहों से बचें, संदेह दूर करें और वैक्सीनेशन लगवाएं : डॉ चौहान

निसिंग। दो गज दूरी, मास्क और सैनिटाइजेशन के साथ कोविड रोधी वैक्सीन लगवा कर स्वयं को कोविड के विरुद्ध चल रहे इस महासमर में ज्यादा मजबूत बनाएं। विश्व स्तर पर हुए अध्ययन स्पष्ट रूप से बता रहे हैं कि वैक्सीन लगवाना कोविड की रोकथाम में अत्यंत कारगर सिद्ध हुआ है । कोरोना के विस्तार को रोकने में सैनिटाइजेशन , मास्क, दो गज दूरी और वैक्सीनेशन अत्यंत कारगर सिद्ध हुए हैं । रेडियो ग्रामोदय और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में ग्रामोदय भवन, गोंदर में आयोजित कोविड रोधी जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष और प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी की।

कार्यक्रम में कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप मास्क और दूरी का अनुपालन करते हुए उपस्थित ग्रामीणों व गणमान्य व्यक्तियों को रेडियो ग्रामोदय की ओर से वैक्सीनेशन तथा कोविड रोधी विभिन्न उपायों के प्रति जानकारी प्रदान की गई। रेडियो ग्रामोदय के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का सरकार व यूनिसेफ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्तर दिया और सभी का आह्वान किया कि बिना किसी संदेह के वैक्सीन अवश्य लगवाएं। वैक्सीनेशन को लेकर मन में कोई संदेह ना पालें तथा एक जागरूक नागरिक की तरह कोविड रोधी प्रोटोकॉल का अनुपालन करें।

रेडियो ग्रामोदय के संयोजक शिवम राणा के ‘जागरूक हम, तो कोरोना खत्म’ के उद्घोष से कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर हिसम सिंह, पोखर त्यागी, विशाल त्यागी, नानक, अशोक, राजकुमार, आयुष, अमन, दीपक, दीपेंद्र, संगम व अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे।

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

योग प्राचीनतम भारतीय विद्या : डॉ. चौहान

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

असंध के नगरपालिका पार्क में चलने वाली महिला योग कक्षा में योगाभ्यासियों एवं योग शिक्षकों को संबोधन

असंध। योग प्राचीनतम भारतीय विद्या है जो पूर्णत: शरीर विज्ञान पर आधारित है। शरीर का सिर्फ व्याधियों से मुक्त होना ही संपूर्ण स्वास्थ्य नहीं है। शरीर के साथ-साथ मन-मस्तिष्क और आत्मा का भी स्वस्थ होना उतना ही जरूरी है। इन तीनों के स्वस्थ हुए बिना मनुष्य को पूर्णत: स्वस्थ नहीं कहा जा सकता। जीवन का यह गूढ़ ज्ञान हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों साल पहले दे दिया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे अब जाकर माना है। भारतीय संस्कृति एवं जीवन दर्शन में छिपे ज्ञान के अनमोल भंडार को हमें फिर से ढूंढ कर उस पर अमल करना होगा। उपरोक्त विचार हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने व्यक्त किए। वह असंध की पतंजलि योग समिति द्वारा नगरपालिका पार्क में चलाई जा रही महिला योग कक्षा के योगाभ्यासियों एवं योग शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।

डॉ. चौहान ने कहा कि आधुनिकता की होड़ और पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण में हम अपनी अनमोल प्राचीन भारतीय विद्या एवं सांस्कृतिक विरासत को भूल बैठे थे। राजनीति की संकीर्ण सोच ने भी प्राचीन भारतीय विद्या का निरादर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन ऐसे माहौल में भी योग गुरु बाबा रामदेव जैसे लोग मौजूद हैं जिन्होंने लुप्त होती जा रही भारतीय विरासत को पुनर्जीवित कर योग को घर-घर और विश्व भर में पहुंचाया। योग को वैश्विक पहचान दिलाने में बाबा रामदेव का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।

ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपनी करिश्माई नेतृत्व क्षमता से पूरे विश्व को योग की परिधि में लाने का काम किया है। यह भारत की नए अंदाज की राजनीति की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिकांश देश अब हर साल योग दिवस मनाते हैं । उन्होंने कहा की योग के नियमित अभ्यासी सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य को ही बढ़ावा नहीं दे रहे, बल्कि वह विभिन्न बीमारियों पर हर साल होने वाले अरबों रुपए के खर्च को भी बचा रहे हैं। कोरोना काल में योग के गुणकारी तत्वों को सबने देखा और महसूस किया है। इसकी महत्ता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि योग अब आधुनिक चिकित्सा पद्धति में भी शामिल होता जा रहा है। इस अवसर पर डॉ. चौहान ने महिलाओं के लिए योग कक्षा के संचालन के लिए पतंजलि योग समिति का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पतंजलि योग समिति की असंध इकाई के संरक्षक मायाराम शास्त्री एवं समिति के प्रभारी एडवोकेट नरेंद्र शर्मा ने की। इस अवसर पर महिला पतंजलि प्रभारी सुनीता गोयल, योग शिक्षिका किरण भी उपस्थित रहे ।

भारतीय कालगणना विश्व की प्राचीनतम कालगणना

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय कालगणना संसार की सबसे प्राचीन वैज्ञानिक कालगणना है। कालगणना समेत भारतीय संस्कृति की अनेक ऐसी धरोहर हैं जो देश की मातृशक्ति की बदौलत आज भी जीवित हैं। डॉ. चौहान ने मातृशक्ति को नमन करते हुए उनका आह्वान किया कि वे भारतीय कालगणना पद्धति को कदापि ना भूलें। अपने घरों में देसी कैलेंडर अवश्य रखें और बच्चों के सामने देसी तिथियों की चर्चा अवश्य करें। आज के बच्चे ही कल के देश के कर्णधार हैं। उन्हें भारत की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराना अत्यंत जरूरी है।

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

वैकल्पिक फसलों की हो खेती : डॉ. चौहान

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

वेक अप करनाल में ग्राउंड वाटर संरक्षण पर चर्चा

करनाल। पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व को बचाने के लिए भू-जल का संरक्षण बहुत जरूरी है। जमीन के नीचे स्थित इस जलसंपदा को बचाने के लिए हमें इसका दोहन सीमित करना होगा। भूजल का दोहन कम करने के अनेक उपायों में कृषि और बागवानी भी एक है। हमें अपनी खेती करने के अंदाज को बदलना होगा। धान की फसल उपजाने में ग्राउंड वाटर की बड़ी मात्रा का दोहन होता है। एक अनुमान के अनुसार 1 किलो धान के उत्पादन में 4000 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। इसके कारण करनाल जिले के गांवों में भूजल का स्तर घटकर अब 100 से 120 फीट नीचे चला गया है। पहले या स्तर जमीन से सिर्फ 30 फीट नीचे हुआ करता था। यह घटता भूजल स्तर चिंता का विषय है। इसलिए किसानों को अब ध्यान से अन्य फसलों की ओर जाना होगा। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर हरियाणा सरकार ने 3 साल पहले मेरा पानी मेरी विरासत योजना शुरू की थी जिसके तहत कई प्रावधान किए गए हैं।

उपरोक्त टिप्पणी हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने रेडियो ग्रामोदय के कार्यक्रम वेकअप करनाल में असंध के कृषि विकास अधिकारी डॉ. राधेश्याम से चर्चा के दौरान की। मेरा पानी मेरी विरासत योजना को धरातल पर उतारने में पेश आ रही समस्याओं पर चर्चा करते हुए डॉ. राधेश्याम ने बताया कि पहले इस योजना को जलशक्ति अभियान के नाम से किसानों के बीच प्रचारित किया गया था। ब्लॉक एवं जिला स्तर पर किसान कैंप लगाकर किसानों को जागरूक किया गया कि एक किलो धान का उत्पादन करने में औसतन 4000 लीटर पानी खर्च होता है जबकि इसकी वैकल्पिक फसल मक्की के उत्पादन में मात्र 800 लीटर पानी की खपत होती है। इसलिए किसानों को वैकल्पिक फसलों की बिजाई पर ध्यान देना चाहिए। डॉ राधेश्याम ने बताया की वैकल्पिक फसलों में मक्की, बाजरा, कपास, मूंग, उड़द, तिल आदि शामिल हैं।

वेक अप करनाल

डॉ. चौहान ने बताया कि किसानों को जागरूक करने के सुपरिणाम सामने आए। इस योजना के तहत हरियाणा में करीब एक लाख एकड़ भूमि धान मुक्त हो गई। धान न बोने वाले किसानों के खाते में प्रदेश सरकार ने 52 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि डाली। अब सरकार का लक्ष्य दो लाख एकड़ भूमि को धान उत्पादन से मुक्त करने का है। उनकी बात को आगे बढ़ाते हुए डॉ राधेश्याम ने बताया कि पहले मक्की के खरीदारों का अभाव था। इसे दूर करने के लिए सरकार ने वैकल्पिक फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया और फसलों के खरीदार भी तैयार किए। इसका नतीजा यह हुआ कि हरियाणा के 15 जिलों में करीब 15 सौ एकड़ भूमि में किसानों ने मक्की की फसल उपजाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत सरकारी पोर्टल पर अपनी फसलों का पंजीकरण कराने वाले किसानों की ही फसल सरकार द्वारा खरीदी गई।

डॉ. राधेश्याम ने बताया कि धान के वैकल्पिक फसलों के उत्पादन के लिए विभाग को पूरे करनाल जिले के लिए 8700 एकड़ भूमि का लक्ष्य दिया गया है। फसलों का पंजीकरण कराने में उपलाना का स्थान सबसे ऊपर है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 25 जून है। उन्होंने बताया की सरकार ने वैकल्पिक फसलों में चारे के उत्पादन को भी शामिल किया है। चारा उपजाने वाले किसानों को सरकार ₹7000 के हिसाब से पैसे देगी। इसके अलावा वैकल्पिक फसलों का बीमा कराने के लिए प्रीमियम का खर्चा भी सरकार की ओर से वहन किया जाएगा।

इस अवसर पर डॉ चौहान ने बताया की फसलों की चॉइस को बदलने के लिए हरियाणा सरकार ने वर्ष 2030 तक के लिए एक बागवानी विजन तैयार किया है। बागवानी विजन में भावांतर भरपाई योजना के तहत इस बार 23 फसलों को शामिल किया गया है जिनमें 14 सब्जियां भी शामिल हैं। इस योजना के तहत 21 फसलों के संरक्षित मूल्य निर्धारित किए गए हैं। साथ ही यह प्रावधान भी किया गया है कि यदि भावांतर भरपाई योजना में शामिल फल व सब्जियों की पूरी फसल प्राकृतिक आपदा के कारण नष्ट हो जाती है तो उसके पूरे खर्च की भरपाई मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के अंतर्गत की जाएगी। इसके तहत किसानों को ₹30000 प्रति एकड़ के हिसाब से क्लेम मिलेगा। फलों के मामले में भरपाई की यह दर ₹40000 प्रति एकड़ होगी। इस बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 2.5% राशि का भुगतान करना होगा।

डॉ चौहान ने बताया कि मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने किसानों के लिए एक और योजना शुरू की है। इसके तहत यदि कोई किसान 1 एकड़ क्षेत्र में 400 पौधे लगाता है तो उसे अगले 3 साल तक प्रदेश सरकार प्रति एकड़ ₹10000 देगी। यह भी जल संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार वैकल्पिक फसलों की सूची से बाजरा को हटा लिया गया है।

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

आर्यों ने ही बसाई थी हड़प्पा संस्कृति, उनके विदेशी होने की बात गलत : धुम्मन

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail

रेडियो ग्रामोदय के कार्यक्रम ‘जय हो’ में सरस्वती नदी के ऐतिहासिक व वैज्ञानिक तथ्यों पर चर्चा

https://www.youtube.com/watch?v=HVXAGsBp2Y4

करनाल। पुराणों में वर्णित सरस्वती नदी कोई कपोल कल्पना नहीं, बल्कि एक सच्चाई थी। इस नदी के मूर्त रूप में सतह के ऊपर बहने से लेकर इसके अंतर्ध्यान होकर भूगर्भ में प्रवाहित होने तक के अब पर्याप्त पुरातात्विक एवं वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध हैं। वैदिक काल में सरस्वती नदी आदिबद्री के पास स्थित बंदर पुच्छ ग्लेशियर से अवतरित होकर राजस्थान की तरफ बहती थी। आदिबद्री सरस्वती का उद्गम स्थल है। इस नदी का इतिहास महाभारत काल से भी जुड़ता है। कहते हैं कि महाभारत युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र जैसी भूमि का चयन सरस्वती नदी को ध्यान में रखकर ही किया गया था। मान्यता है कि यहीं पर भगवान ब्रह्मा ने सरस्वती नदी के किनारे ब्रह्म सरोवर की स्थापना की थी और सृष्टि की भी रचना की। महाभारत काल में हुई एक बड़ी भूगर्भीय हलचल के बाद सरस्वती का पानी सतह के नीचे चला गया जो आज तक भूगर्भ में ही बहता है। ओएनजीसी एवं इसरो की रिपोर्ट ने इस ऐतिहासिक तथ्य की पुष्टि की है।

उपरोक्त जानकारी रेडियो ग्रामोदय के कार्यक्रम ‘जय हो’ में सरस्वती नदी के उद्गम एवं इसके अस्तित्व के पुरातात्विक साक्ष्यों पर चर्चा के दौरान सामने आई। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने इस महत्वपूर्ण विषय पर हरियाणा सरस्वती विरासत बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच के साथ विस्तार से बातचीत की। डॉ. चौहान ने कहा कि हरियाणा की मनोहर सरकार सरस्वती नदी के प्रवाह पथ को फिर से स्थापित करने एवं नदी को पुनर्जीवित करने के लिए कृतसंकल्प है। वर्ष 2015 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही हरियाणा सरस्वती विरासत बोर्ड का गठन किया जाना सरकार की इस उद्देश्य के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। यह विरासत बोर्ड राज्य भर में जहां-तहां बिखरे सरस्वती नदी के अवशेषों को ढूंढ कर उसे पुनर्जीवित करने के लिए प्रयासरत है।

FacebooktwitterredditpinterestlinkedinmailFacebooktwitterredditpinterestlinkedinmail
Open chat
Gramoday
Hello ,
How can we help you with Gramoday