ग्रामोदय

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गांव की खुशहाली सक्रिय ग्राम सभा से ही संभव: डॉ चौहान

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उपलानी ग्राम सभा में विभिन्न विषयों पर संवाद का आयोजन

असंध । देश के संचालन में जो महत्व संसद का है वही महत्व गांव के लिए ग्राम सभा का है। ग्रामसभा गांव की संसद है, सरपंच गाँव का प्रधानमंत्री और पंचायत मंत्रिमंडल की भांति है। सक्रिय ग्रामसभा गांव की तस्वीर बदल सकती है। उपलानी गांव में आयोजित ग्राम सभा में बतौर मुख्य अतिथि पधारे हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष और प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी की।

विभिन्न महिला स्वयंसेवी समूह को संबोधित करते हुए डॉ चौहान ने आत्मनिर्भर भारत में आत्मनिर्भर महिलाओं की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के भीतर छिपी उद्यमिता गांव के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है । भारत सरकार महिला स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से गांव आधारित अर्थ तंत्र के विकास और महिला सशक्तिकरण के प्रति कृत संकल्प है तथा विभिन्न योजनाओं व अनुदान के माध्यम से इस कार्य को कर रही है।

भाजपा जिला सचिव गुरबख़्शीश सिंह लाडी ने ग्रामवासियों से कहा कि ग्राम विकास को लेकर सरकार अनेक उपयोगी और बेहतरीन योजनाएं चला रही है हम सबका दायित्व है कि उन योजनाओं को जानें, समझें का क्रियान्वन अपनी ग्राम सभा के माध्यम से अपने गाँव में करवाएं।

खंड कृषि अधिकारी डॉ राधेश्याम ने पराली प्रबंधन को प्रत्येक गांव और प्रत्येक किसान के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि उचित पराली प्रबंधन गांव की जलवायु, भूमि की उत्पादकता और आर्थिक लाभ तीनों में सहयोगी है सरकार द्वारा पराली के गट्ठर तैयार करने पर हजार रुपए प्रति एकड़ का अनुदान भी दिया जा रहा है।

पंचायत सेक्रेट्री प्रेम ने ग्राम वासियों से जल के उचित प्रबंधन को लेकर अनेक तकनीक एवं तथ्य साझा किए। उन्होंने कहा कि भूजल स्तर को उच्च रखने के लिए आवश्यक है कि हम जल प्रबंधन की ओर विशेष ध्यान दें। अगर अब भी हमने ऐसा नहीं किया तो आने वाली पीढ़ी के सामने गिरते जलस्तर के कारण विषम परिस्थितियां पैदा हो जाएंगी।

ग्राम सभा द्वारा आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में ग्राम वासियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न चर्चाओं के माध्यम से गांव के विकास के लिए आवश्यक अनेक जानकारियां प्राप्त की। इस अवसर पर ग्राम सचिव रजनीश, , पूर्व सरपंच सुरेंद्र उपलानी, बी. डी. ओ. सहायक सुरेंदर उपस्थित रहे।

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स्वच्छता व स्वच्छता कर्मी जीवन का आवश्यक अंग, अवहेलना अनुचित : डॉ चौहान

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गांधी व शास्त्री जयंती के अवसर पर सेवा समर्पण अभियान के अंतर्गत सफाई कर्मियों का सम्मान

निसिंग । स्वच्छ वातावरण हमारा अधिकार ही नहीं अपितु हमारा दायित्व भी है। स्वच्छता की शुरुआत इधर उधर गंदगी न फैलाने के विचार और आचरण से प्रारंभ होती है। स्वच्छता का जिम्मा मात्र सरकारी संस्थाओं और स्वच्छता कर्मियों का नहीं है । हमें खुद भी अनुशासित आचरण से स्वच्छता को बढ़ावा देना होगा।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रारंभ सेवा समर्पण अभियान के अंतर्गत महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, गोंदर में सफाई कर्मियों के सम्मान में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष व प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी की।

भारतीय जनता पार्टी के मंडल महामंत्री वेद तनेजा ने उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया और कहा कि सफाई कर्मियों को कमतर आंकना गलत है अगर यह अपना कार्य उचित प्रकार से ना करें तो सभी व्यवस्थाएं चरमरा जाएंगी।

अकादमी उपाध्यक्ष डॉ. चौहान ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छता के भाव से प्रेरित हो माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने में योगदान देते हुए देश के प्रत्येक मार्ग, गली एवं सड़क को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करना ही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अपनी इमानदारी से स्वच्छ राजनीतिक जीवन का आदर्श प्रस्तुत करने वाले हमारे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के आदर्शों को जीवन में उतार कर वैचारिक स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त करना भी अत्यंत आवश्यक है।

डॉ. चौहान ने गांधी व शास्त्री दोनों महापुरुषों के विचारों को स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा की महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि उनके द्वारा स्थापित आदर्शों को जीवन में उतार कर ही दी जा सकती है। सेवा समर्पण अभियान एक प्रयास है जिसमें हम अपने जीवन व व्यवहार में इन आदर्शों को स्थापित करते हुए समाज के विभिन्न पक्षों का उत्थान करने का प्रयास करते हैं। सफाई कर्मियों को सम्मानित करना मात्र व्यक्ति का सम्मान नहीं है अभी तो सेवा के उस भाग को नमन करना है जो सफाई कर्मियों को दूसरों द्वारा फैलाई गई गंदगी से घिन्न ना करते हुए उसे दूर करने को प्रेरित करता है।

मंडल उपाध्यक्ष शमशेर राणा ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को नमन किया तथा उनके जीवन से जुड़े विभिन्न संस्मरण सभी के साथ साझा किए।

जिला सचिव किसान मोर्चा राजकुमार राणा ने कहा कि स्वच्छता का अभ्यास घर से प्रारंभ होता है घर पर वस्तुएं उचित स्थान पर रखना, कूड़ा कूड़ेदान में डालना कुछ ऐसी आदतें हैं जो सामाजिक जीवन में भी गंदगी न फैलाने के अभ्यास को विकसित करती हैं । देश की स्वच्छता का अभियान स्वयं व आसपास को अनुशासित व स्वच्छ रखने से प्रारंभ होता है।

युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष मुकेश कुमार ने सेवा को जीवन का अभिन्न अंग बताया और उपस्थित सभी लोगों का आह्वान किया कि वह स्वयं को किसी ना किसी सेवा कार्य से अवश्य जोड़ें जिससे समाज उनकी योग्यताओं और क्षमताओं से लाभान्वित हो सके।

जिला कार्यकारिणी सदस्य सौरभ राणा ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से प्रारंभ सेवा समर्पण अभियान के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों का ब्यौरा सबके सम्मुख रखा।

शक्ति केंद्र सह प्रमुख नरेंद्र राणा ने कहा कि स्वच्छता हेतु कम से कम हम आज यह संकल्प लें कि हम कूड़ा कूड़ेदान में ही डालेंगे इस प्रकार हर महा एक नया संकल्प लें हम स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

इस अवसर पर शक्ति केंद्र प्रमुख महिपाल लांगियान, बूथ अध्यक्ष रामकिशन जांगड़ा, सतीश पहलवान, जितेंद्र कुमार, गौरव त्यागी, सतिंदर कुमार, आई टी सेल प्रमुख सोनू राणा व शिव कुमार जांगड़ा, प्रदीप कुमार, कुलदीप पांचाल तथा गौरव अरोड़ा उपस्थित रहे।

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मास्क कोरोना से बचने का सबसे प्रभावशाली तरीका : डॉ. चौहान

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रेडियो ग्रामोदय और युनिसेफ़ के कोविड रोधी जागरूकता अभियान के अंतर्गत हरियाणा ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष ने जलमाना में विद्यार्थियों से किया संवाद

असंध । कोरोना अब भी गया नहीं है। इसकी तीसरी लहर का खतरा अब भी बरकरार है। कोरोना से बचने के लिए कोविड अनुकूल व्यवहार आवश्यक है। फेस मास्क कोरोना से बचने के सबसे प्रभावशाली तरीकों में से एक है। इसलिए, मास्क को सही तरीके से लगाया जाना चाहिए। मास्क को गलत तरीके से लगाने या लगाने के बाद भी नाक को अच्छी तरह न ढकने से मास्क लगाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता। यह टिप्पणी हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने जलमाना में कोविड जागरूकता को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। वह स्कूली छात्रों व स्टाफ से रेडियो ग्रामोदय और युनिसेफ़ कोविड रोधी जागरूकता अभियान के अंतर्गत कोविड अनुकूल व्यवहार के सिलसिले में बातचीत कर रहे थे।

डॉ. चौहान ने कहा कि कोई भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति जब बोलता या खांसता है, तो हवा में असंख्य विषाणु तैरने लगते हैं जो सामने वाले व्यक्ति के शरीर में नाक, मुंह और आंखों के जरिए प्रवेश कर जाते हैं। यदि आपने फेस मास्क नहीं पहना है, तो आप आसानी से संक्रमित हो सकते हैं। मास्क संक्रमण के खतरे को काफी कम करता है। उन्होंने कहा कि मास्क को लगाने के बाद उसे सही तरीके से उतारना भी उतना ही जरूरी है। मास्क के अगले हिस्से को बार-बार छूना खतरनाक साबित हो सकता है। कोरोना के विषाणु हाथ के जरिए भी शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इसलिए, हाथों को बार-बार धोते रहना और सैनिटाइज करना भी बहुत जरूरी है। सार्वजनिक स्थलों पर बिना मास्क लगाए कदापि नहीं जाना चाहिए।

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संस्कृति मॉडल प्राइमरी विद्यालय के प्रधानाचार्य महिंदर सिंह ने डॉ. चौहान ने कोविड अनुकूल व्यवहार को सभी के लिए आवश्यक बताया और कहा कि शिक्षकों को अपने व्यवहार से विद्यार्थियों और अभिवावकों के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत करना होगा जिससे विद्यार्थी खुद तो मास्क लगाएं ही, दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। कोविड अनुकूल व्यवहार न करने वाले लोगों को टोकना भी चाहिए। इसी में सबका बचाव है। रेडियो ग्रामोदय और युनिसेफ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय के अन्य शिक्षक सुरेन्द्र पाल, सरिता, सुमन, गुरजीत कौर, कंचन, जसबीर सिंह, नरेंदर सिंह सुभाष चंद, चरण सिंह और वीरेंदर सिंह आदि ने भी कोविड अनुकूल व्यवहार पर विचार रखे और टीकाकरण हेतु सबका आह्वान किया ।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य डॉ. विक्रम चौहान ने कोरोना से न डरने का सन्देश दिया और कहा कि कोविड अनुकूल व्यवहार को अपनाकर ही कोरोना के भय को कम किया जा सकता है । उन्होंने कोविड अनुकूल व्यवहार को लोगों को समझाने में युवाओं के योगदान पर विशेष जोर दिया और समाज में कोविड अनुकूल व्यवहार के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए अपने विद्यालय के छात्रों की सक्रियता की प्रशंसा की ।

रेडियो ग्रामोदय और यूनिसेफ के अभियान यंग वारियर्स (#YoungWarriors) से जुड़ें और आप भी जागरूक बने....

इस अवसर पर विद्यालय के अमन, शुभम, अंकुश, भगत सिंह, गौरव, राहुल, अमरपाल, राहुल राठी, रोहित, रिंकू, अमन और सन्नी आदि विभिन्न विद्यार्थियों ने भी कोविड अनुकूल व्यवहार के प्रति यंग वारियर्स के रूप में अपने विचार रखे ।

रेडियो ग्रामोदय और यूनिसेफ के अभियान यंग वारियर्स (#YoungWarriors) से जुड़ें और आप भी जागरूक बने..
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परिवार और समाज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी टीकाकरण के लिए आगे आएं

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कोरोना की महामारी को मात देने के लिए आवश्यक है कि 18 साल से ऊपर के प्रत्येक नागरिक का टीकाकरण हो। जो लोग किसी भ्रम अथवा भय के कारण पात्र होते हुए भी अब तक टीका लगवाने से रह गए हैं, उन्हें न केवल अपनी अपितु अपने परिवार और समाज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी टीकाकरण के लिए आगे आना चाहिए। रेडियो ग्रामोदय के संस्थापक और हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने रेडियो ग्रामोदय और यूनिसेफ द्वारा टीकाकरण जागरूकता के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत गोंदर के रणजीत नगर स्थित कॉलोनी में ग्राम वासियों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भारत में कोरोना के टीके को लेकर कुछ लोग निहित स्वार्थ के कारण तमाम तरह की भ्रांतियां फैला रहे हैं किंतु ऐसे तत्वों की साजिशों को कामयाब होने नहीं दिया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने टीका लगवा चुके ग्रामवासियों से कोरोना के टीके को लेकर उनके अनुभव विस्तार से सुने। जो लोग टीका लगवा चुके उन्होंने टीका क्या सोचकर लगवाया है और टीका लगवाने के बाद किस का अनुभव कैसा रहा, कार्यक्रम में इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ साथ जिन्होंने अब तक टीका नहीं लगाया है उन्होंने इस कार्यक्रम में टीका ना लगवाने की अपनी-अपनी वजह भी अभिव्यक्त की।

डॉ. चौहान ने कहा कि टीका लगने के बाद कुछ लोगों को हल्का फुल्का बुखार आता है जो सामान्य और स्वाभाविक बात है। उन्होंने कहा कि कोरोना से पहले अलग-अलग बीमा से बचाव के जोडी के स्वाभाविक रूप से हम सब अपने बच्चों को लगवादे रहे हैं, उनके मामले में भी इस तरह के लक्षण आते रहे है। डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भारत में उपलब्ध 3 कोरोना टीके अलग-अलग प्रक्रिया से अलग-अलग निर्माता कंपनियों ने बनाए हैं इसलिए उनके काम करने के तरीके भिन्न भिन्न है। कोवीशील्ड और कोवैक्सीन के दो टीके लगवाने पड़ते हैं। दोनों वैक्सीन के मामले में दो टीमों के बीच की अवधि अलग-अलग है। इनके विपरीत रूस से मंगाया गया स्पूतनिक टीका एक ही बार लगता है।

ग्रामवासियों को डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने स्पष्ट बताया की कोविड के टीकाकरण का सारा कार्य अब केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित व संचालित किया जा रहा है। सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर टीका लगवाने के लिए किसी भी नागरिक को एक भी पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि देशभर में टीकाकरण अभियान दिनों दिन तेजी पकड़ रहा है। उन्होंने कहा टीकाकरण को लेकर यदि ग्रामवासियों के मनों में कोई संदेह अथवा सवाल हैं तो वे रेडियो ग्रामोदय की हेल्पलाइन 8816904904 पर कॉल कर सलाह ले सकते हैं। डॉ. चौहान ने कोरोना संबंधी जागरूकता और विशेषकर टीकाकरण के कार्यक्रम में मदद के लिए आगे आने वाले सामाजिक संगठनों प्रशंसा की और कहा कि समाज और देश पर जब-जब कोई आपदा आए तो सब लोगों को परस्पर मतभेदों को भुलाकर एकजुटता के साथ कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर भाजपा नेता वेद तनेजा, सुभाष कुमार, राम निवास, सुखबीर, नाथीराम, सतपाल, धरमपाल, वीरभान, बागड़ी, राजेश, जीतराम, शिव कुमार, काला, अंग्रेज, संजीव, नरेश, अशोक, भूरा व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे ।

शराब का सेवन कोरोना से नहीं बचाता

कार्यक्रम के दौरान एक श्रमिक ने कहा कि उसने कोरोना का टीका लगवाना इसलिए जरूरी नहीं समझा क्योंकि वह हर रोज शराब पी लेता है और उसकी मान्यता है कि शराब के सेवन से कोरोना का वायरस मर जाता है। श्रमिक का कहना था कि जब सैनिटाइजर में मौजूद शराब से वायरस मर जाता है शराब के सेवन से कोरोना से बचाव होना चाहिए।बहुत गंभीरता के साथ की गई ग्रामवासी की इस टिप्पणी पर कार्यक्रम में उपस्थित अधिकांश लोग खुलकर हंसे। डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि शराब पीने वाले को कोरोना नहीं होगा, यह एक खतरनाक भ्रांति और मूर्खतापूर्ण सोच है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञ बारंबार इस बारे में स्पष्ट कर चुके हैं कि मदिरापान कोरोना से बचाव का कवच नहीं। डॉ. चौहान ने कहा कि शराब पीना वैसे भी सेहत के लिए घातक है और कोरोना से बचाव का मदिरापान से कोई संबंध नही।

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रेडियो ग्रामोदय व यूनिसेफ द्वारा वैक्सीनेशन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

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अफवाहों से बचें, संदेह दूर करें और वैक्सीनेशन लगवाएं : डॉ चौहान

निसिंग। दो गज दूरी, मास्क और सैनिटाइजेशन के साथ कोविड रोधी वैक्सीन लगवा कर स्वयं को कोविड के विरुद्ध चल रहे इस महासमर में ज्यादा मजबूत बनाएं। विश्व स्तर पर हुए अध्ययन स्पष्ट रूप से बता रहे हैं कि वैक्सीन लगवाना कोविड की रोकथाम में अत्यंत कारगर सिद्ध हुआ है । कोरोना के विस्तार को रोकने में सैनिटाइजेशन , मास्क, दो गज दूरी और वैक्सीनेशन अत्यंत कारगर सिद्ध हुए हैं । रेडियो ग्रामोदय और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में ग्रामोदय भवन, गोंदर में आयोजित कोविड रोधी जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष और प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी की।

कार्यक्रम में कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप मास्क और दूरी का अनुपालन करते हुए उपस्थित ग्रामीणों व गणमान्य व्यक्तियों को रेडियो ग्रामोदय की ओर से वैक्सीनेशन तथा कोविड रोधी विभिन्न उपायों के प्रति जानकारी प्रदान की गई। रेडियो ग्रामोदय के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का सरकार व यूनिसेफ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्तर दिया और सभी का आह्वान किया कि बिना किसी संदेह के वैक्सीन अवश्य लगवाएं। वैक्सीनेशन को लेकर मन में कोई संदेह ना पालें तथा एक जागरूक नागरिक की तरह कोविड रोधी प्रोटोकॉल का अनुपालन करें।

रेडियो ग्रामोदय के संयोजक शिवम राणा के ‘जागरूक हम, तो कोरोना खत्म’ के उद्घोष से कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर हिसम सिंह, पोखर त्यागी, विशाल त्यागी, नानक, अशोक, राजकुमार, आयुष, अमन, दीपक, दीपेंद्र, संगम व अन्य ग्रामवासी मौजूद रहे।

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कबीर आज भी प्रासंगिक : डॉ. चौहान

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जयंती पर ग्रंथ अकादमी व रेडियो ग्रामोदय की ओर से दोहा पाठ का आयोजन

करनाल / पंचकुला । संत कबीर दास के कालखंड में विभिन्न सामाजिक विडंबनाएं मौजूद थीं। संत कबीर में अपनी रचनाओं के माध्यम से समकालीन सत्ता एवं व्यवस्थाओं को चुनौती देने का सामर्थ्य था और उन्होंने ऐसा ही किया। कबीर के कार्यों, चिंतन, व्यक्तित्व एवं उनकी रचनाओं में अध्यात्म की गहराई और ऊंचाई थी। उन्होंने निर्भीक होकर तत्कालीन सत्ताधीशों एवं शक्तिशाली वर्ग को चुनौती देने का काम किया। एक साहित्यकार से अपेक्षा भी यही होती है कि वह अपनी रचनाओं से सामाजिक विडंबनाओं एवं विकृतियों पर प्रहार करे। कवियों – साहित्यकारों पर अपने समाज को दिशा देने का भी दायित्व है। हर कवि के अंदर कबीर होने के तत्व मौजूद होते हैं। समाज को सचेत करने के लिए उस सामर्थ्य को जगाना होगा।

उपरोक्त विचार हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने संत कबीर दास की जयंती पर आयोजित दोहा पाठ के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने इस आयोजन के सभी प्रतिभागियों को हरियाणा ग्रंथ अकादमी की ओर से आभार प्रकट करते हुए उनसे अपने-अपने दौर का कबीर बनने का आह्वान किया और कहा कि कबीर बनने पर कोई रोक नहीं है।

ग्रंथ अकादमी और रेडियो ग्रामोदय के संयुक्त तत्वावधान मैं आयोजित इस दोहा पाठ का संचालन कवियित्री नीलम त्रिखा ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की कमान संभालते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि कबीर दास एक बहुत बड़े समाज सुधारक और ईश्वर भक्त थे। उनके अंदर स्वाभिमान कूट- कूट कर भरा था। अपनी रचनाओं से उन्होंने मनुष्यों को सारे भेद मिटाकर मानव मात्र के लिए एकजुट हो जाने का संदेश दिया है। इस अवसर पर उन्होंने एक प्रेरक पंक्ति का भी उल्लेख किया — मात-पिता के हाथ ज्यूं, ज्यू बरगद की छांव
क्यों जन्नत को खोजता, जन्नत उनके पांव।

कार्यक्रम का शुभारम्भ श्री मद्भागवत गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सातवीं कक्षा के छात्र यजुर कौशल के द्वारा संत कबीर के दोहों के सुमधुर सस्वर पाठ के साथ हुआ ।

दोहा पाठ की शुरुआत डॉ. अश्विनी शांडिल्य ने अपनी स्वरचित रचनाओं से की। उन्होंने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा, —

अथाह समुद्र है ज्ञान का, माणिक छिपे अनेक
क्या है तेरे काम का, गुरु बतलाए एक।
गुरु प्रकाश स्तंभ है, पथ को करें प्रशस्त
ज्योति ज्ञान की जल उठे, अंधकार हो पस्त।

उनके बाद चंडीगढ़ से जुड़ी संगीता शर्मा ने अपने भावों को कुछ यूं व्यक्त किया, –

श्याम बजाए बांसुरी, मन का यह चितचोर
प्रेम लगन की धुन बजी, नाचे मन का मोर।

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ऑनलाइन काव्य संध्या

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मातृ दिवस तथा महाराणा प्रताप जयन्ती के अवसर पर काव्य संध्या

दिनांक – 9 मई 2021 , रविवार
समय – सायं 6 बजे से

https://www.facebook.com/RadioGramoday90.4/videos/217272876522182
उपरोक्त लिंक के माध्यम से फेसबुक पर काव्य संध्या का आनंद लें

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विचार गोष्ठी – ‘हरियाणवी सांग का उद्भव एवं विकास’

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बढ़ते कोरोना केस के कारण बदली परस्थितियों के कारण गोष्ठी निरस्त
दिनांक – वीरवार 8 अप्रैल 2021
समय – प्रातः 10:00 बजे

स्थान – ब्रह्म शक्ति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, थाना कला, सोनीपत

प्रसिद्ध सांगी एवं लोक कवि दादा श्री निहालचंद की पुण्य स्मृति में हरियाणा ग्रंथ अकादमी एवं ब्रह्म शक्ति सीनियर सेकेंडरी स्कूल थाना कला के संयुक्त तत्वावधान में विचार गोष्ठी हरियाणवी सांग का उद्भव एवं विकास में आपका स्वागत है

अध्यक्ष : डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान, उपाध्यक्ष व निदेशक हरियाणा ग्रंथ अकादमी
मुख्य अतिथि : डॉ धर्मवीर शर्मा, पूर्व निदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भारत सरकार

आमंत्रित विद्वान –
डॉक्टर पूर्ण चंद शर्मा
संतराम देशवाल
शमीम शर्मा
रामप्रकाश रामपाल सैनी
श्री संपूर्ण सिंह
श्री विष्णु दत्त कौशिक
विकास पाहसौरिया

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