केवल प्राचीनतम ही नहीं अपितु सबसे वैज्ञानिक राष्ट्र के नागरिक होने पर गर्व करें : डॉ. चौहान

गीता सीनियर सेकेंडरी स्कूल, राहडा में गणतंत्र दिवस का आयोजन

असंध । गणतंत्र दिवस पर होने वाले प्रत्येक ध्वजारोहण प्रत्येक आयोजन प्रत्येक ताली प्रत्येक गीत पर सबसे पहला अधिकार बलिदानी वीरों का है जिन्होंने अपना सर्वस्व इस देश पर न्योछावर कर दिया। राणा स्थित गीता सीनियर सेकेंडरी स्कूल में गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी की।
विद्यालय चेयरमैन सुरेंद्र राणा की अध्यक्षता में संचालित कार्यक्रम में डॉ चौहान ने मातृभूमि पर न्योछावर सभी वीरों को श्रद्धांजलि दी। क्रांति के नायकों का स्मरण करते हुए डॉ चौहान ने सभी विद्यार्थियों व शिक्षकों से उनके अनुसरण का आवाहन किया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अकादमी उपाध्यक्ष ने कहा कि हमें इस बात पर गर्व करना चाहिए कि जब विश्व के अन्य देशों का राष्ट्र की परिकल्पना से परिचय भी नहीं था , उससे बहुत पहले से भारत एक राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में था। विश्व के विभिन्न स्थानों से लोग ज्ञान प्राप्ति व चरित्र निर्माण हेतु भारत के तक्षशिला और नालंदा स्थित विश्वविद्यालय में आते थे।
उन्होंने बताया कि विश्व में हुए अनेक वर्तमान शोध प्रक्रिया ने वृहद स्तर पर सिद्ध किया है कि भारतीय मनीषी पृथ्वी के आकार, सूर्य से उसकी दूरी व अन्य विभिन्न खगोलीय घटनाओं तथा गणनाओं के बारे में पहले से जानते थे। भाषा से जुड़े विभिन्न शोध संस्कृत को विश्व की सबसे अधिक वैज्ञानिक और कंप्यूटर के अनुकूल भाषा के रूप में प्रतिपादित कर चुके हैं।

कार्यक्रम में विद्यार्थी अमृता, मुस्कान, स्नेहा, काजल, अंजली, नेहा, अनु और साहिल में रंगारंग प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका टीना ने किया।

कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक रणदीप राणा ने सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों के साथ नीटू राणा, पंच सुरेंद्र व पंच संदीप उपस्थित थे।

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