ग्रामोदय

Month: March 2021

अफसाना तराना

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कार्यक्रम : अफसाना तराना
समय : दोपहर 1:00 बजे
कार्यक्रम संचालक : आर. जे. हनी
प्रसारण मोड : दैनिक

अफसाना तराना, रेडियो ग्रामोदय 90.4 एफएम पर प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे प्रसारित होने वाला कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में आप आर. जे. हनी द्वारा विभिन्न अफ़साने सुनते हैं। आर. जे. हनी अपनी शानदार आवाज में सुनाते हैं ऐसे अफसाने किस्से कहानी जो आपके जीवन को आपकी सोच को आपके व्यवहार को एक दिशा देने की क्षमता रखते हैं ।साथ ही साथ आप सुनते हैं प्यारे प्यारे तराने। इस कार्यक्रम में आप भी अपनी फरमाइश भेज सकते हैं ।

कार्यक्रम मैं अपनी फरमाइश या अपना कोई भी सुझाव आदि भेजने के लिए आप हमें कॉल कर सकते हैं। आप हमें व्हाट्सएप कर सकते हैं । हमारा नंबर है 8816904904

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विचार गोष्ठी – ‘हरियाणवी सांग का उद्भव एवं विकास’

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बढ़ते कोरोना केस के कारण बदली परस्थितियों के कारण गोष्ठी निरस्त
दिनांक – वीरवार 8 अप्रैल 2021
समय – प्रातः 10:00 बजे

स्थान – ब्रह्म शक्ति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, थाना कला, सोनीपत

प्रसिद्ध सांगी एवं लोक कवि दादा श्री निहालचंद की पुण्य स्मृति में हरियाणा ग्रंथ अकादमी एवं ब्रह्म शक्ति सीनियर सेकेंडरी स्कूल थाना कला के संयुक्त तत्वावधान में विचार गोष्ठी हरियाणवी सांग का उद्भव एवं विकास में आपका स्वागत है

अध्यक्ष : डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान, उपाध्यक्ष व निदेशक हरियाणा ग्रंथ अकादमी
मुख्य अतिथि : डॉ धर्मवीर शर्मा, पूर्व निदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण भारत सरकार

आमंत्रित विद्वान –
डॉक्टर पूर्ण चंद शर्मा
संतराम देशवाल
शमीम शर्मा
रामप्रकाश रामपाल सैनी
श्री संपूर्ण सिंह
श्री विष्णु दत्त कौशिक
विकास पाहसौरिया

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समय बीत रहा है, आइए टी.बी. मुक्त भारत के लिए एकजुट हों : डॉ. चौहान

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विश्व क्षय रोग दिवस पर जिला क्षय रोग अधिकारी ने लोगों को किया जागरूक

करनाल। लगभग 50% लोगों में क्षय रोग के बैक्टीरिया हैं लेकिन बीमारी केवल उन 2% लोगों में ही पनपती है जिनका शरीर बैक्टीरिया से लड़ नहीं पाता। क्षय रोग सामान्यतः फेफड़ों में होता है किंतु बाल व नाखून को छोड़कर यह शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है । फेफड़ों या छाती के क्षय रोग को पलमनरी टीबी और बाकी शरीर के क्षय रोग को नॉन पलमनरी टीबी कहते हैं। विश्व क्षय रोग दिवस पर रेडियो ग्रामोदय के वेकअप करनाल कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर सिम्मी कपूर व ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान के मध्य हुई ऑनलाइन वार्ता में यह बात उभर कर सामने आयी।

क्षय रोग मरीजों से जुड़े आंकड़ों की चर्चा करते हुए डॉ. सिम्मी ने बताया की डब्ल्यूएचओ के अनुसार विश्व के 27% क्षय रोगी भारत से हैं अर्थात विश्व का अमूमन हर चौथा क्षय रोगी भारतीय है। हरियाणा की बात करें तो लगभग 70000 मरीज हर वर्ष क्षय रोग से पीड़ित होते हैं। करनाल जिले में वर्ष 2020 में 3743 क्षय रोगी चिन्हित हुए हैं।

क्षय रोग का आयु से संबंध को स्पष्ट करते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर कपूर ने कहा की क्षय रोग किसी भी आयु के व्यक्ति को हो सकता है किंतु इसके अधिकांशतः मरीज 15 वर्ष से 45 वर्ष के मध्य के पुरुष मिलते हैं क्योंकि वह विभिन्न आर्थिक, सामाजिक कारणों से अधिक लोगों के संपर्क में आते हैं।

क्षय रोगी को चिन्हित करने के संबंध में डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में डॉ सिम्मी कपूर ने कहा की मरीज स्वयं तो आते ही हैं किंतु समय- समय पर विभाग द्वारा क्षय रोग जांच शिविरों के माध्यम से भी रोगी चिन्हित किए जाते हैं।

कोविड का क्षय रोगी पर प्रभाव को लेकर पिंजोर से हिमांशु मेहता को बताते हुए डॉ. कपूर ने कहा कि छाती की टी.बी. और क्षय रोग के प्रारंभिक लक्षण सामान हैं किन्तु कोविड को लेकर क्षय रोगी को दिल और सांस के रोगियों जितना खतरा नहीं है ।

क्षय रोग के इलाज प्रक्रिया, खर्चे व दवाइयों के बारे में बताते हुए डॉ सिम्मी ने कहा कि सामान्यतः क्षय रोगी 6 माह के इलाज में पूरी तरह ठीक हो जाता है। किसी भी क्षय रोगी को सभी दवाइयां स्वास्थ्य केंद्रों पर पूर्णतः निशुल्क मिलती हैं। निशुल्क जांच के अतिरिक्त ₹500 प्रति माह की पोषण सहायता भी हर क्षय रोगी को उसके खाते में पैसे जमा करके प्रदान की जाती है। क्षय रोग दवाई द्वारा पूर्णतः ठीक हो जाता है । इसके उपचार में किसी भी प्रकार की सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती।

रोग के लक्षणों को स्पष्ट करते हुए डॉक्टर सिम्मी ने कहा कि खांसी व बुखार, फेफड़ों की टी.बी. का लक्षण है इसकी जांच बलगम के टेस्ट द्वारा की जाती है। बुखार के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में गांठों का होना भी गांठों की टी. बी का लक्षण है जिसकी जांच सुई डालकर प्राप्त बूंद का एफ.एन.ए.सी. टेस्ट करा कर की जाती है। हड्डी वाली टी.बी. की जांच एक्स-रे , एम. आर. आई. और सी.टी. द्वारा की जाती है। सभी प्रकार की जांच स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क की जाती है। बलगम की जांच सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है जबकि अन्य जांचों के लिए रोगी को सिविल अस्पताल पहुंचना होगा।

पानीपत से प्राचार्य मोहन मित्तल के क्षय रोग से पीड़ित विद्यार्थियों के प्रति विद्यालय प्रबंधन के दायित्व को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में डॉ. सिम्मी ने कहा कि क्षय रोगी से छुआछूत व भेदभाव की आवश्यकता नहीं है। गांठ वाला व हड्डी वाला क्षय रोग तो साथ बैठने से फैलता ही नहीं है तथा छाती वाला क्षय रोग भी डेढ़ – दो माह के उपचार के बाद फैलाव की स्थिति से बाहर हो जाता है। छाती वाले क्षय रोगी पहले डेढ़-दो माह के उपचार के दौरान मास्क व सामाजिक दूरी के नियम का अनुपालन करें उसके बाद सामान्य व्यवहार कर सकते हैं। बलगम की रिपोर्ट नेगेटिव आने तक पीड़ित विद्यार्थी को अन्य विद्यार्थियों के साथ कक्षा में बैठने से बचना चाहिए क्योंकि भीड़ में क्षय रोग के फैलाव का खतरा बढ़ता है।

भारत के क्षय रोग मुक्त होने में बाधाओं संबंधी डॉक्टर चौहान के प्रश्न के उत्तर में डॉक्टर सिम्मी कपूर ने कहा की जनसंख्या घनत्व अधिक होना भी एक बाधा है किंतु उससे बड़ी बाधा इलाज पूरा किए बिना इलाज छोड़ देना है । उन्होंने बताया कि पूरा इलाज 6 माह में होता है रोगी को इलाज का लाभ वह लक्षणों में कमी प्राय 2 माह से प्रारंभ हो जाती है जिसके चलते अनेक मरीज पूरा ठीक हुए बिना और इलाज की अवधि पूरे किए बिना ही इलाज छोड़ देते हैं। यह ढिलाई खतरा बन जाती है और सामान्य टी.बी. की समस्या बढ़कर mdr-tb बन जाती है । जिससे इलाज की अवधि और इलाज के दौरान मरीज को होने वाला कष्ट भी बढ़ जाता है।

कार्यक्रम के अंत में अकादमी उपाध्यक्ष डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान व क्षय रोग जिला अधिकारी डॉक्टर सिम्मी कपूर ने सभी क्षय रोगियों से अनुरोध किया की इलाज बीच में ना छोड़े क्योंकि अगर एक भी मरीज बच जाता है तो वह एक ही वर्ष में 10 से 15 लोगों को रोगी बनाने की क्षमता रखता है।

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अपनी कल्पना को उड़ान दे, हर महिला बन सकती है कल्पना चावला : डॉ. चौहान

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कल्पना चावला की जयंती पर पानीपत की मेयर अवनीत कौर और विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही अनीता कुंडू ने ऑनलाइन वार्ता में अपने अनुभव साझा किए ।

महिलाओं की राष्ट्र व जीवन के हर क्षेत्र में भागीदारी देश व समाज के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। भागीदारी का प्रथम चरण हर महिला द्वारा अपनी कल्पनाओं को साहस के पंख लगा कर उड़ान देने से शुरू होगा। परिवार व परिजनों का साथ तथा सहयोग इस उड़ान का दूसरा पायदान है। तीसरे चरण के उत्प्रेरक के रूप में समाज व सरकार सहयोग करें तो हर महिला कल्पना चावला की भांति सफलता के अंतरिक्ष में विचरण करेगी। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने रेडियो ग्रामोदय द्वारा कल्पना चावला की जयंती पर पानीपत की मेयर अवनीत कौर और पर्वतारोही अनीता कुंडू के साथ आयोजित वेक-अप करनाल वार्ता में यह टिप्पणी की।

पर्वतारोही अनीता कुंडू ने कल्पना चावला को श्रद्धांजलि देते हुए कहा की हरियाणा धन्य है जिसमें कल्पना चावला जैसी बेटी ने जन्म लिया और जिसने लाखों-करोड़ों बेटियों के लिए एक मिसाल पेश की । उन्होंने कहा कि सृष्टि को रचने वाली नारी कभी कमजोर नहीं हो सकती। हम महिलाओं को कल्पना चावला से प्रेरणा ले अपने देश का नाम रोशन करने को सदैव तत्पर रहना चाहिए।

डॉ. चौहान द्वारा महिलाओं की सफलता में परिवार के योगदान पर पूछे प्रश्न के उत्तर में पानीपत की मेयर अवनीत कौर ने कहा की परिवार का सहयोग आपको चिंता व तनाव से मुक्ति देता है और सफलता के पथ पर आपका संबल बनता है। इस क्रम में उन्होंने अपने पिता, पति और सासू मां से प्राप्त सहयोग का विशेष जिक्र किया और सभी परिवारों का आह्वान किया की बेटियों और बहनों को अवसरों का लाभ उठाने दें।

महिला पुलिस कर्मियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण को लेकर डॉ. चौहान द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में अनीता कुंडू ने बताया कि 12 वर्ष पूर्व जब उन्होंने पुलिस की नौकरी प्रारंभ की थी तो परिजनों के मन में एक प्रश्न था कि पुलिस की नौकरी करने वाली लड़की की शादी में समस्या होगी, लड़का मिलेगा भी या नहीं। रात की ड्यूटी, चोर- उचक्कों-क्रिमिनल से वास्ता पड़ना आदि कुछ ऐसे बिंदु रहे जिनको लेकर परिवार व परिजनों के मन में विभिन्न संशय व प्रश्न थे। कुछ परिजन विरोध में भी थे। उनके मन में एक विशेष प्रकार की नकारात्मकता और भय था कि पुलिस में अभद्र भाषा और व्यवहार का अतिरेक है जो महिलाओं के लिए किसी भी दृष्टि से अनुकूल नहीं। समय के साथ साथ यह सभी भय संशय और नकारात्मकता के विचार निर्मूल साबित हुए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग से उन्हें इतना सम्मान, प्यार व सहयोग मिला जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता।

महिलाओं को लेकर निरंतर बदलते परिवेश पर टिप्पणी करते हुए डॉ. चौहान ने कहा की अभी बहुत कुछ करना व बदलना बाकी है लेकिन अनेक परिवारों की सोच बदली है। अनेक परिजन व माता-पिता कष्ट उठाकर भी बेटियों की शिक्षा व उनके सपनों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करने लगे हैं । यह बदलाव सुख की अनुभूति देता है। उन्होंने ऐसे सभी परिवारों को साधुवाद देते हुए कहा कि अन्य परिवारों को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और निश्चित करना चाहिए कि वे भी महिलाओं की उड़ान को जकड़ेंगे नहीं बल्कि उसे प्यार व सहयोग के पंख देंगे।

पानीपत से वार्ता में जुड़े मोहन मित्तल, प्रधानाचार्य के. आर. वाई. स्कूल ने कल्पना चावला को श्रद्धांजलि दी और मेयर अवनीत कौर की उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सराहना की।

एक मेयर के रूप में कराए गए कार्यो को लेकर पानीपत मेयर ने कहा की गली/ कालोनियों में सड़क, सीवरेज व पार्क आदि के नियमित कार्य तो हुए ही हैं साथ में निगम ने बेसहारा पशुओं (कुत्ते, बंदर, गोवंश व अन्य) की समस्या के समाधान पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस बार पानीपत जिला पूरे हरियाणा में हाउस टैक्स रिकवर करने में नंबर एक पर रहा है।

गुरदासपुर से रेडियो ग्रामोदय से जुड़े जसपाल सिंह ने महिलाओं पर हो रही चर्चा की सराहना की और बेटियों के लिए आत्मरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उस विषय पर भी चर्चा का सुझाव दिया।

अनीता कुंडू ने महिलाओं को आगे बढ़ाने में थर्ड अप्रोच के व्यावहारिक महत्व को बताया और इस कार्य के लिए स्वयं को प्रस्तुत करते हुए कहा कि अगर किसी महिला को अपने परिवार को समझाने में स्थिति स्पष्ट करने में किसी भी प्रकार का संकोच यह समस्या आती है तो वह उनसे बात करें उसकी अवश्य मदद की जाएगी। इस क्रम में उन्होंने अपना फोन नंबर 99910-99989 रेडियो ग्रामोदय के श्रोताओं के साथ साझा किया।

गुरबानी का जिक्र करते हुए मेयर अवनीत कौर ने कहा की राजाओं को पैदा करने वाली का अपमान नहीं किया जा सकता। सैकड़ों वर्ष पूर्व गुरबाणी में कहे इस कथन को हर व्यक्ति जीवन में अपनाए।

कार्यक्रम के अंत में डॉ चौहान ने सभी की ओर से कल्पना चावला को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महिलाएं आगे बढ़ें, अपनी कल्पना को साहस के पंख दें। समाज और सरकार सहयोग को तत्पर है । किसी भी बाधा की स्थिति में घबराए नहीं। स्पष्टता, धीरता व निडरता से अपनी बात रखें। आवश्यकता पढ़े तो हमारा सहयोग लें।

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केवल प्राचीनतम ही नहीं अपितु सबसे वैज्ञानिक राष्ट्र के नागरिक होने पर गर्व करें : डॉ. चौहान

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गीता सीनियर सेकेंडरी स्कूल, राहडा में गणतंत्र दिवस का आयोजन

असंध । गणतंत्र दिवस पर होने वाले प्रत्येक ध्वजारोहण प्रत्येक आयोजन प्रत्येक ताली प्रत्येक गीत पर सबसे पहला अधिकार बलिदानी वीरों का है जिन्होंने अपना सर्वस्व इस देश पर न्योछावर कर दिया। राणा स्थित गीता सीनियर सेकेंडरी स्कूल में गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने यह टिप्पणी की।
विद्यालय चेयरमैन सुरेंद्र राणा की अध्यक्षता में संचालित कार्यक्रम में डॉ चौहान ने मातृभूमि पर न्योछावर सभी वीरों को श्रद्धांजलि दी। क्रांति के नायकों का स्मरण करते हुए डॉ चौहान ने सभी विद्यार्थियों व शिक्षकों से उनके अनुसरण का आवाहन किया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अकादमी उपाध्यक्ष ने कहा कि हमें इस बात पर गर्व करना चाहिए कि जब विश्व के अन्य देशों का राष्ट्र की परिकल्पना से परिचय भी नहीं था , उससे बहुत पहले से भारत एक राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में था। विश्व के विभिन्न स्थानों से लोग ज्ञान प्राप्ति व चरित्र निर्माण हेतु भारत के तक्षशिला और नालंदा स्थित विश्वविद्यालय में आते थे।
उन्होंने बताया कि विश्व में हुए अनेक वर्तमान शोध प्रक्रिया ने वृहद स्तर पर सिद्ध किया है कि भारतीय मनीषी पृथ्वी के आकार, सूर्य से उसकी दूरी व अन्य विभिन्न खगोलीय घटनाओं तथा गणनाओं के बारे में पहले से जानते थे। भाषा से जुड़े विभिन्न शोध संस्कृत को विश्व की सबसे अधिक वैज्ञानिक और कंप्यूटर के अनुकूल भाषा के रूप में प्रतिपादित कर चुके हैं।

कार्यक्रम में विद्यार्थी अमृता, मुस्कान, स्नेहा, काजल, अंजली, नेहा, अनु और साहिल में रंगारंग प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका टीना ने किया।

कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक रणदीप राणा ने सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों के साथ नीटू राणा, पंच सुरेंद्र व पंच संदीप उपस्थित थे।

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